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टिड्डे के पाचन तंत्र के अंगों के नाम लिखिए। (10+2)



Ans:-- -टिड्डे का पाचन तंत्र तीन भागों में बँटा हुआ है (i) अग्र आंत, (ii) मध्य अंत और (iii)पश्च तअग्र अंत मुख से शुरू होती है और एक छोटी-सी ग्रसनी के द्वारा पेषणी तक जाती है। उसकी भोजन नलिका छोटी एवं पतली होती है जो अच्छी प्रकार से एक पतली दीवारों वाली गलथैली ग्रसिका के साथ जुड़ी हुई होती है। पेषणी को दीवारें मजबूत होती हैं और इसका ल्यूमैन उपत्वचा के अस्तर के साथ जुड़ा होता है जो भोजन को चबाने में टिड्डे को सहायता करता है। 

लार ग्रन्थियों और शाखाओं का एक जोड़ा गलथैली के साथ लम्बा तना हुआ होता है। पेषणी और पश्च आँत के पिछले भाग के मध्य भाग को मध्य आंत कहते हैं। इसके पूर्ववर्ती अंत भाग में दीर्घाकरणी ग्रन्थियों के छः जोड़े होते हैं जिन्हें हैष्टिक कंजका कहते हैं जो टिड्डे के पेट में खुलते हैं। वे रहस्यमयी किण्वक (एंजाइम) पाचन क्रिया करते हैं। पश्च आँत बिना मुद्दे हुए मध्य और मलद्वार के बीच तक फैली हुई होती है। इसके तीन भाग होते हैं

(i) पूर्ववर्ती अंत भाग (ii) मध्य में वृहदान्त्र और (iii) अंत में बड़ा मलाशय। मध्य आंत और पश्च अंत जहाँ पर मिलती है उस स्थान पर भोथरी नोक वाली बहुत-सी नलिकाएँ उपस्थित होती हैं जो भोजन नलिका में खुलती हैं। ये नलिकाएँ उत्सर्जन अंग होते हैं जिन्हें मैलपिजयन नलिकाएं कहते हैं।

Q.( 2)पादपों में पाए जाने वाले एमाइड (Amides) का वर्णन कीजिए।

उत्तर–पादपों में दो महत्त्वपूर्ण एमाइड्स, जैसे- एस्पेरेजिन (Asparagine) एवं ग्लूटेमाइन (Glutamine) पाए जाते हैं जो क्रमशः एस्पारटिक अम्ल (Aspartic Acid) एवं ग्लूटामिक अम्ल (Glutamic Acid) से क्रमश: एस्पेरेजिन सिवेटेज एवं ग्लटेमाइन सिपेटेज नामक एंजाइम की महायता से संश्लेषित होता है। इस क्रिया में अम्लों का हाइड्रोक्सिल समूह (OH) का NH, मूलक द्वारा स्थानान्तरण होता है। एमाइडों में अमीनो अम्ल की अपेक्षा अधिक नाइट्रोजन पाया जाता है।

Q(3)कीटभक्षी पादप किस प्रकार नाइट्रोजन की कमी की पूर्ति करता है ?
 उत्तर-कोटभक्षी पादपों की पत्तियों कीटों को पकड़ने के लिए एक विशेष आकृति में रूपांतरित जो कोटों को पकड़ लेता है। पकड़े गए कीट के मरने के पश्चात् पत्तियों द्वारा संश्लेषित कि पंजाइम (Proteiolytic enzymes) मरे कीटों के प्रोटीन को पचा देता है। (अमौना (ों में अपघटन ) जिसे अवशोषित कर नाइट्रोजन की कमी की पूर्ति कर ली जाती है।


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